दो चाय घर के पास एक जगह है। कमल वहां काम करता है। मोहन हर दिन वहां चाय पीता है। आज वह पहली बार अकेला नहीं है। आज उसके साथ सीमा है। मोहन अंदर आता है। सीमा उसके साथ आती है। कमल उन्हें देखता है। वह आगे आता है। कमल कहता है, “मोहन जी, आज दो चाय?” मोहन कहता है, “हाँ, आज दो चाय।” कमल सीमा की तरफ देखता है। सीमा कुछ नहीं कहती। वह घर की तरफ देखती है। मोहन कहता है, “यह सीमा है।” कमल कहता है, “अच्छा। आप पहली बार आई हैं।” सीमा कहती है, “हाँ, पहली बार आई हूँ।” कमल कहता है, “आप क्या लेंगी?” सीमा कहती है, “मैं भी वही लूंगी।” कमल कहता है, “दो चाय?” सीमा कहती है, “हाँ, दो चाय।” कमल अंदर जाता है। मोहन और सीमा पास बैठते हैं। वहां एक ही जगह खाली है। मोहन अपना हाथ आगे करता है। सीमा उसके पास बैठती है। मोहन धीरे कहता है, “यहां मैं हर दिन आता हूँ।” सीमा कहती है, “मुझे पता है।” मोहन उसकी तरफ देखता है। “तुम्हें कैसे पता है?” मोहन पूछता है। सीमा कहती है, “तुमने कहा था।” मोहन कहता है, “मैंने कब कहा?” सीमा कहती है, “कल कहा था।” मोहन को याद आता है। कल वह घर में यही बात कह रहा था। सीमा पास थी। कमल दो चाय देता है। वह दोनों चाय आगे देता है। कमल कहता है, “मोहन जी, आपकी चाय कम चीनी वाली है।” मोहन कहता है, “हाँ, मेरी चाय कम चीनी वाली है।” कमल सीमा की तरफ देखता है। “आपकी चाय?” कमल पूछता है। सीमा कहती है, “मेरी भी कम चीनी वाली।” कमल कहता है, “आज दोनों एक जैसी हैं।” मोहन चाय देखता है। सीमा भी चाय देखती है। मोहन कहता है, “मैं हर दिन एक चाय लेता हूँ।” सीमा कहती है, “आज दो चाय हैं।” मोहन कहता है, “हाँ, आज दो चाय हैं।” कुछ समय दोनों चाय पीते हैं। बाहर लोग जाते हैं। एक आदमी कमल को काम देता है। कमल उसके पास जाता है। सीमा कहती है, “तुम यहां किसके साथ आते हो?” मोहन कहता है, “किसी के साथ नहीं।” सीमा कहती है, “अब मेरे साथ आते हो।” मोहन चाय आगे करता है। “अब हर दिन?” वह पूछता है। सीमा अपनी चाय देखती है। “हर दिन नहीं,” वह कहती है। “आज फिर आऊंगी।” मोहन कुछ नहीं कहता। वह कमल को बुलाता है। “कमल, आज बाद में देना,” मोहन कहता है। कमल उसकी तरफ देखता है। “आज दो चाय हैं।” मोहन कहता है, “हाँ, आज दो चाय हैं।” सीमा अपना हाथ आगे करती है। उसके हाथ में कुछ रुपये हैं। मोहन कहता है, “नहीं, आज मैं देता हूँ।” सीमा कहती है, “आज आधा मैं देती हूँ।” मोहन कहता है, “अगली बार तुम देना।” सीमा कहती है, “अगली बार भी दो चाय।” कमल दोनों को देखता है। वह कुछ नहीं कहता। मोहन रुपये देता है। सीमा अपनी चाय उठाती है। दोनों बाहर जाते हैं। कमल खाली जगह के पास एक और जगह आगे करता है।