सीमा के आम आज सीमा घर के आगे आम लेकर काम कर रही है। आज रिया का जन्म दिन है। सीमा ने एक अच्छा आम अलग रखा है। वह आम रिया के लिए है। राम पहले आया। सीमा ने उसे देखते ही कहा, «राम, एक आम और पानी?» राम ने कहा, «एक आम और पानी। आज भी वही।» सीमा ने आम दिया। राम ने पानी लिया। उसने एक रुपया दिया और चला गया। मीना आई। सीमा ने कहा, «मीना, दो आम?» मीना ने कहा, «एक आम। आज घर में लोग नहीं हैं।» सीमा ने कहा, «आज एक ही?» मीना ने कहा, «आज एक ही। कल दो।» सीमा ने एक आम दिया। मीना ने एक रुपया दिया। वह आगे चली गई। अजय आया। सीमा ने कहा, «अजय, तीन आम और पानी?» अजय ने कहा, «आज दो आम। एक आम कल लेना है।» सीमा ने कहा, «कल दो आम। आज दो आम।» अजय ने कहा, «ठीक है।» सीमा ने दो आम दिए। अजय ने दो रुपये दिए। अब सामने एक ही अच्छा आम था। वही आम रिया के लिए था। तभी रिया आई। उसके हाथ में एक कपड़ा था। उसने सीमा को देखा। रिया ने कहा, «माँ, आज मेरा जन्म दिन है। आम है?» सीमा ने कहा, «है। यह आम तेरे लिए है।» रिया ने आम को देखा। तभी मीना फिर आई। मीना ने कहा, «सीमा, एक अच्छा आम और है?» सीमा ने कहा, «एक ही है। यह रिया के लिए है।» मीना ने रिया को देखा। उसने कुछ देर कुछ नहीं कहा। रिया ने कहा, «माँ, मीना को आम दे दो।» सीमा ने कहा, «पर आज तेरा जन्म दिन है।» रिया ने कहा, «आधा आम मेरे लिए। आधा मीना के घर।» मीना ने कहा, «नहीं, यह रिया का है।» सीमा ने कहा, «एक काम करते हैं। आम लेते हैं।» उसने आम को पानी से साफ किया। उसने आम काटा। रिया ने एक भाग लिया। मीना ने दूसरा भाग लिया। मीना ने कहा, «कल मैं दो आम लूँगी।» रिया ने कहा, «कल एक आम मेरे लिए।» सीमा ने कहा, «कल एक आम तेरे लिए।» मीना चली गई। रिया ने अपना भाग खाया। सीमा ने अपना भाग खाया। सामने अब आम नहीं था।