पैलो काम रवि आज नंदा चित्रघर मा खड़ो छ। आज रवि को पैलो काम छ। सांझ को खेल दस मिनट मा छ। टिकट खिड़की पर लोग जमा छन। रवि की जेब मा नई चाबी छ। मैनेजर कमला टिकट गिणदी छ। वा हर फिलम याद रखदी छ। कमला बोलदी, “रवि, पचास रुप्या को टिकट।” रवि बोल्दो, “एक टिकट पचास रुप्या को।” कमला बोलदी, “ठीक, अर बाकी पैसा जरूर दे।” एक आदमी सौ को नोट देन्दो। रवि टिकट देन्दो, पर पैसा भूल जांदो। आदमी खिड़की पर ही खड़ो रैंदो। वा बोल्दो, “भैजी, बाकी पैसा भी मिललू?” रवि जल्दी पचास रुप्या देन्दो। “माफ कर्यां, आज पैलो दिन छ।” कमला बोलदी, “पैलो दिन छ, आखिरी नि।” पीछे खड़ी मीना हंसदी छ। वा रवि की कक्षा मा पढ़दी छ। रवि उसतैं कई दिन बटि बात नि करी। मीना बोलदी, “एक टिकट पचास रुप्या को।” रवि बोल्दो, “तु फिलम देखण ऐं?” मीना बोलदी, “ना, मि आलू बेचण ऐं।” कमला बिना ऊपर देखे बोलदी, “आलू वाली फिलम शुक्रकार छ।” मीना फेर हंसदी छ। रवि को मुंह गरम ह्वे जांदो। वा टिकट काटी मीना तैं देन्दो। मीना सौ को नोट देन्दी छ। “बाकी पैसा जरूर दे।” रवि पचास रुप्या आगे करदो। “आज मि भूलणु नि।” मीना बोलदी, “पर सीट को नंबर भूलि ग्ये।” रवि टिकट देख्दो। टिकट पर नंबर नि छ। पीछे लोग जोर से बोलण लगदान। कमला बोलदी, “दूसरी पांत, सात नंबर।” रवि पूछ्दो, “आप हर सीट याद रखदा?” कमला बोलदी, “हर सीट अर हर फिलम।” मीना पूछदी, “इस फिलम को अंत भी?” कमला बोलदी, “अंत मा बस छूट जांदी।” एक लड़को बोल्दो, “अरे, अब मजा खतम।” कमला बोलदी, “वा पहली बस छ। दूसरी बस मिलदी।” सब लोग हंसदान। बाहर घंटी बजदी छ। रवि टिकट जल्दी काटण लग्दो। एक औरत दो सौ को नोट देन्दी। “तीन टिकट दे, एक बच्चा छ।” रवि तीन टिकट काट्दो। “डेढ़ सौ रुप्या, पचास बाकी।” कमला धीरे बोलदी, “बच्चा आधा टिकट छ।” रवि रुक्दो। “तब सवा सौ रुप्या ह्वे?” कमला बोलदी, “हां, पचहत्तर वापस दे।” रवि पैसा गिणी औरत तैं देन्दो। औरत तीन टिकट लेकी भीतर जांदी। मीना अब भी दरवाजे पास खड़ी छ। रवि पूछ्दो, “तु भीतर किलै नि जांदी?” मीना बोलदी, “मेरी सहेली अभी आई नि।” रवि बोल्दो, “फिलम शुरू होण वाली छ।” मीना बोलदी, “मि जाणू छ, अंत मा बस छूटदी।” कमला बोलदी, “पर बीच मा गीत भी छ।” मीना पूछदी, “आप तैं गीत भी याद छ?” कमला टिकट की गड्डी रखदी छ। “पूरो गीत, पर मि गाऊंदू नि।” रवि बोल्दो, “हमर भल होइग्ये।” कमला रवि तैं चाबी देन्दी। “अब दरवाजो तु खोल।” रवि चाबी कस के पकड़्दो। “पर टिकट खिड़की?” कमला बोलदी, “मि बैठदू, तु लोग भीतर भेज।” रवि दरवाजो खोल्दो। लोग टिकट दिखैकी भीतर जांदान। मीना अपणी सहेली बिना ही आगे बढ़दी। रवि पूछ्दो, “तु अकेली जाली?” मीना टिकट दिखांदी। “हां, पर खेल बाद चाय पीला?” रवि बोल्दो, “मेरा काम नौ बजे खतम होलू।” मीना बोलदी, “मि नौ बजे बाहर मिललू।” कमला खिड़की बटि बोलदी, “इस फिलम मा चाय नि छ।” रवि दरवाजो बंद करदो। “चाय अगली फिलम मा छ।”